छत्तीसगढ़

GeM खरीद पर उठे सवालों से सियासी हलचल, कांग्रेस ने जांच की मांग उठाई

       रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने सरकारी खरीदी के लिए इस्तेमाल होने वाले Government e-Marketplace (GeM) को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने GeM के माध्यम से अब तक की गई सभी सरकारी खरीदी की जांच कराने और खरीद सामग्री व उसकी कीमतों को सार्वजनिक करने की मांग की है।

       शुक्ला ने आरोप लगाया कि GeM के माध्यम से सरकारी सप्लाई के ठेके कथित तौर पर प्रभावशाली लोगों के करीबी सप्लायरों को ऊंची कीमतों पर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय CSIDC के माध्यम से होने वाली खरीदी को भाजपा सरकार बनने के बाद बंद करने का उद्देश्य कथित तौर पर भ्रष्टाचार के रास्ते खोलना था।

       GeM केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों तथा सार्वजनिक संस्थानों के लिए सरकारी वस्तुओं एवं सेवाओं की ऑनलाइन खरीद का प्लेटफॉर्म है। GeM के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, इसका उद्देश्य खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, दक्षता, मूल्य-उपयुक्तता और ऑडिट ट्रेल उपलब्ध कराना है।

       शुक्ला ने दावा किया कि GeM के माध्यम से की गई कुछ खरीदारियों में बाजार मूल्य और खरीद मूल्य के बीच बड़ा अंतर रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि ₹300 का जग ₹32 हजार में, करीब ₹1 लाख की टीवी ₹10 लाख में और ₹60 हजार की रोटी मेकर मशीन ₹8 लाख में खरीदी गई। इसके अलावा उन्होंने ₹1,539 के ट्रैक सूट को ₹2,499 में खरीदे जाने का भी आरोप लगाया।

       रोटी मेकर मशीन से जुड़ा एक पूर्व मामला भी सार्वजनिक रिपोर्टों में सामने आया था, जिसमें छत्तीसगढ़ में एक मशीन की GeM के माध्यम से करीब ₹8 लाख में खरीद को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि, अलग-अलग GeM खरीदों की कीमतों की तुलना उत्पाद के मॉडल, तकनीकी specifications, installation, warranty और bid conditions को देखकर ही की जा सकती है।

       कांग्रेस नेता ने मांग की कि GeM के माध्यम से अब तक हुई सभी खरीदारियों का सोशल ऑडिट कराया जाए और प्रत्येक विभाग द्वारा खरीदी गई सामग्री, उसकी मात्रा तथा भुगतान की गई कीमत सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि सरकारी खरीद में कहीं बाजार मूल्य से असामान्य रूप से अधिक भुगतान तो नहीं किया गया।

       शुक्ला ने आरोप लगाया कि इस कथित अनियमितता में निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक के लोग शामिल हैं और सरकार जांच से बच रही है। उन्होंने सरकारी खरीद प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker