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सूत्र, तर्क और आस्था: विज्ञान बनाम विश्वास की नई बहस

276 IQ का दावा करने वाले वैज्ञानिक यंगहून किम चर्चा में

       सियोल/नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया के 36 वर्षीय वैज्ञानिक यंगहून किम इन दिनों वैश्विक चर्चा का विषय बने हुए हैं। कारण है उनका यह दावा कि उनका IQ स्कोर 276 है, जो कथित रूप से अब तक दर्ज किए गए सभी IQ स्कोर से अधिक है। इसके साथ ही उन्होंने गणितीय और दार्शनिक तर्कों के आधार पर भगवान के अस्तित्व को सिद्ध करने का दावा कर नई बहस छेड़ दी है।

       यंगहून किम का जन्म 25 मई 1989 को दक्षिण कोरिया में हुआ। प्रारंभिक उम्र से ही उन्होंने मेमोरी, माइंड मैपिंग, स्पीड रीडिंग और कॉग्निटिव थिंकिंग में असाधारण रुचि दिखाई। वे वर्ल्ड मेमोरी चैंपियनशिप्स में दक्षिण कोरिया के पहले अर्बिटर बने और वर्ष 2025 में “ऑनरेरी ग्रैंड मास्टर ऑफ मेमोरी” की उपाधि प्राप्त की।

       किम का दावा है कि उनका IQ 276 स्कोर वर्ष 2024 में गीगा सोसाइटी प्रोफेशनल (GIGA Society Professional) द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जिसे वर्ल्ड मेमोरी स्पोर्ट्स काउंसिल (WMSC) सहित कुछ अन्य संगठनों ने प्रमाणित किया। यह स्कोर SD24 स्टैंडर्ड डेविएशन पर आधारित बताया गया है, जिसे पारंपरिक SD15 स्केल पर लगभग IQ 210 के समकक्ष माना जाता है। हालांकि, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने 1990 के बाद से “सबसे ऊंचे IQ” की श्रेणी को मान्यता देना बंद कर दिया है, जिससे इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

       हाल ही में यंगहून किम ने कहा कि ब्रह्मांड का कोई “आरंभिक कारण” है, जो कालातीत (Timeless) और बुद्धिमान है, जिसे वे भगवान कहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मानव चेतना क्वांटम सूचना के रूप में मृत्यु के बाद भी बनी रह सकती है। इसके अलावा, उन्होंने ईसा मसीह को इतिहास का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बताया, जिस पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

       किम को विभिन्न विश्वविद्यालयों से ऑनरेरी डॉक्टरेट प्रदान की गई हैं, जिनमें कॉग्निटिव साइंस, एजुकेशन और साइकोलॉजी शामिल हैं। वे न्यूरोस्टोरी नामक कंपनी के संस्थापक भी हैं, जो AI और न्यूरोटेक्नोलॉजी आधारित ब्रेन हेल्थ समाधानों पर कार्य करती है।

       हालांकि, मुख्यधारा के वैज्ञानिक समुदाय और प्रतिष्ठित अकादमिक संस्थान उनके IQ दावे और धार्मिक निष्कर्षों को गंभीरता से स्वीकार नहीं कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि IQ परीक्षणों की सीमाएं होती हैं और इतने ऊंचे स्कोर की स्वतंत्र, सार्वभौमिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है

       फिलहाल, यंगहून किम बुद्धिमत्ता, विज्ञान और आस्था के संगम को लेकर चल रही वैश्विक बहस का एक प्रमुख चेहरा बन चुके हैं।

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