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जब आसमान हुआ ‘स्लो’—इंडिगो की क्रू कमी से उड़ानें पटरी से, सरकार ने खोला आपात राहत मार्ग

       नई दिल्ली। देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर पिछले एक सप्ताह से उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने के चलते यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भारत में उड़ान रद्दीकरण की यह स्थिति मुख्य रूप से IndiGo एयरलाइंस में क्रू की कमी से उत्पन्न हुई है, जो हाल ही में लागू किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों के कड़े प्रावधानों के बाद और अधिक गंभीर हो गई। नए नियमों का उद्देश्य पायलटों और केबिन क्रू को पर्याप्त आराम समय देना है, विशेषकर रात्रिकालीन उड़ानों के दौरान। परिणामस्वरूप विंटर शेड्यूल में संचालन क्षमता प्रभावित हुई और उड़ानें लगातार रद्द होती रहीं।

किन एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा असर

       दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे देश के पांच बड़े हवाई अड्डों पर स्थिति सबसे अधिक गंभीर रही।

  • 5 से 6 दिसंबर के बीच प्रतिदिन 800 से 1000 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें सबसे बड़ी संख्या IndiGo की थी।

  • 7 दिसंबर के बाद रद्दीकरण की संख्या कम होकर 400 से नीचे आ गई, लेकिन तब तक हजारों यात्री एयरपोर्ट पर फंसे रहे अथवा यात्रा योजनाएँ बिगड़ गईं।

       यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन, होटल ठहराव, बैगेज में देरी, वैकल्पिक उड़ानों की कमी और महंगे किरायों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

सरकार का हस्तक्षेप और त्वरित कदम

स्थिति बिगड़ने पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय सक्रिय हुआ और निम्न निर्देश जारी किए:

  • FDTL नियमों में अस्थायी छूट, ताकि एयरलाइंस सीमित अवधि के लिए अधिक उड़ानें संचालित कर सकें।

  • सभी रद्द उड़ानों का रिफंड रात 8 बजे तक ऑटो-प्रोसेस करने के निर्देश।

  • एयरलाइंस को फंसे यात्रियों के लिए होटल, भोजन और वैकल्पिक उड़ान सुविधा उपलब्ध कराने के आदेश।

  • घटनाओं की उच्च स्तरीय जांच के लिए कमेटी गठित की गई।

       IndiGo ने भी स्थिति सुधारने के लिए अपने कदम तेज किए हैं। कंपनी ने पायलट और क्रू की भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू की है और मध्य दिसंबर तक संचालन सामान्य होने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

यात्रियों के लिए आवश्यक सलाह

       सरकार और एयरलाइंस ने यात्रियों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं:

  • रद्द उड़ानों का रिफंड स्वतः खाते में आ जाएगा।

  • मिसहैंडल या रुका हुआ बैगेज 48 घंटे के भीतर यात्रियों को पहुंचाया जाएगा।

  • जिन्हें तत्काल यात्रा करनी है, वे अन्य एयरलाइंस, ट्रेन या बस को विकल्प के रूप में चुन सकते हैं।

  • अपनी यात्रा से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर लाइव स्टेटस अवश्य चेक करें।

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