अनुशासन की कसौटी – नियमों से ऊपर कोई नहीं, कार्रवाई का संदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी Ratan Lal Dangi को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निर्णय उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद लिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में पदस्थ डांगी पर पद के अनुरूप आचरण न करने, अशोभनीय एवं नैतिकता के प्रतिकूल व्यवहार करने तथा अपने पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने के आरोप हैं। साथ ही, उन पर स्थापित सामाजिक और सांस्कृतिक मानकों के उल्लंघन का भी आरोप लगा है।
शासन के अनुसार, उनका यह कृत्य इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित हुआ, जिससे आम जनता के बीच पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। इस आधार पर माना गया है कि उनका आचरण अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
इन्हीं कारणों से राज्य सरकार ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1969 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए उन्हें निलंबित किया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक जांच के आधार पर की गई है और आगे विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है।
निलंबन अवधि के दौरान डांगी का मुख्यालय Nava Raipur स्थित पुलिस मुख्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) मिलेगा। साथ ही, वे बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
यह मामला पुलिस विभाग में आचरण और जवाबदेही को लेकर एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। शासन की इस कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों के लिए भी आचरण के नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।
अब आगे की जांच और विभागीय कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में क्या अंतिम निर्णय लिया जाता है।




