सूखे नलों से फूटा गुस्सा — पानी की लड़ाई अब सड़क पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर आम आदमी पार्टी ने नगर निगम और नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने निगम/नगरपालिका कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी यदि आम जनता को पीने का साफ पानी न मिल पाए, तो यह सरकारों की सबसे बड़ी विफलता है।
पार्टी का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लगातार गिरते जल स्तर और खराब जल प्रबंधन के कारण हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं। कई वार्डों में लोग रोजाना पानी के लिए परेशान हैं, जबकि टैंकर पहुंचते ही लोगों की भीड़ टूट पड़ती है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह स्थिति बताती है कि प्रशासन पूरी तरह विफल हो चुका है और जनता को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है।
AAP नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जिन क्षेत्रों में पानी पहुंच रहा है, वहां गंदा और मटमैला पानी सप्लाई किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। पार्टी ने सवाल उठाया कि हर साल गर्मियों में जल संकट और बरसात में जलभराव जैसी समस्याएं सामने आती हैं, फिर भी सरकार और नगर निगम स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन हर बार सिर्फ अस्थायी उपाय कर समय बिताने की कोशिश करता है।
प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्षों से सत्ता बदलती रही, लेकिन जनता की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारें विकास के दावे तो करती हैं, लेकिन जमीन पर आम लोगों को पानी जैसी जरूरी सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जल संकट का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है और जनता के हक के लिए संघर्ष आगे और तेज किया जाएगा।




