छत्तीसगढ़

ऑनलाइन सट्टे के लिए बैंक खातों का सौदा! म्यूल अकाउंट खरीदने-बेचने के आरोप में दो गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस की सुपेला थाना टीम की कार्रवाई, चार मोबाइल, बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त; खातों की खरीद-बिक्री में हजारों रुपये के कमीशन का खुलासा

       भिलाई। ऑनलाइन सट्टे के लेन-देन में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल बैंक खातों की खरीद-बिक्री के मामले में दुर्ग पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। सुपेला थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर दाऊ बाड़ा तालाब के पास कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, आरोपी बैंक खाते कम कीमत पर खरीदकर अधिक कीमत पर दूसरे व्यक्ति को बेचते थे। मामले में चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।

       पुलिस ने आरोपियों की पहचान नीरज गायकवाड़ (25 वर्ष), निवासी कृष्णा नगर, अंबेडकर चौक, सुपेला और अंशु साव (22 वर्ष), निवासी पुरानी बस्ती, सतनामी पारा, सुपेला, भिलाई के रूप में की है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।

88 हजार में खरीदे खाते, एक लाख रुपये में बेचने की जानकारी

       दुर्ग पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 15 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि नीरज गायकवाड़ और उसका साथी अंशु साव कथित रूप से ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले बैंक खातों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने दाऊ बाड़ा तालाब के पास पहुंचकर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ की।

       पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में नीरज गायकवाड़ ने अंशु साव से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते 88 हजार रुपये में खरीदकर सिकंदर नामक व्यक्ति को एक लाख रुपये में बेचने की बात बताई। इस तरह खातों की खरीद और बिक्री के बीच 12 हजार रुपये का अंतर सामने आया है।

       पुलिस की विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख है कि इनमें से एक खाते का उपयोग ऑनलाइन सट्टा पैनल के लेन-देन में किए जाने तथा क्यूआर कोड के माध्यम से प्राप्त रकम को सिकंदर द्वारा बताए गए खाते में स्थानांतरित करने की जानकारी सामने आई। इसके बदले प्रतिमाह 25 हजार रुपये मिलने की बात भी बताई गई है। इन लेन-देन और भुगतान संबंधी तथ्यों की विस्तृत जांच की जा रही है।

80 हजार में खरीदे चार खाते, 88 हजार में आगे बेचने का आरोप

       पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अंशु साव ने करण सागरिया से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के चार खाते 80 हजार रुपये में खरीदकर नीरज गायकवाड़ को 88 हजार रुपये में बेचने की जानकारी दी। पुलिस अब संबंधित खातों के वास्तविक धारकों, बैंक लेन-देन और ऑनलाइन सट्टा गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

       जांच में यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित बैंक खातों का इस्तेमाल किन-किन वित्तीय लेन-देन में किया गया और उनसे जुड़ी रकम का वास्तविक स्रोत क्या था।

चार मोबाइल और तीन एटीएम कार्ड जब्त

       कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल चार मोबाइल फोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। इनमें नीरज गायकवाड़ से दो और अंशु साव से दो मोबाइल फोन मिले। पुलिस इन वस्तुओं और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की विवेचना कर रही है।

       इस मामले में थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 1552/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2), 317(4) और 3(5) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।

थाना प्रभारी सहित पुलिस टीम की भूमिका

       दुर्ग पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक एस.एन. सिंह, उप निरीक्षक चितराम ठाकुर, आरक्षक कमल याहू और मनोज सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बैंक खाता बेचने या किराये पर देने से बचें

       दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे कमीशन या अतिरिक्त कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल नंबर अथवा बैंक खाते से जुड़ी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसे खातों का उपयोग साइबर ठगी, ऑनलाइन सट्टे या अन्य संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों में हो सकता है, जिससे खाताधारक भी जांच और कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।

       पुलिस ने लोगों से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी तत्काल संबंधित बैंक या पुलिस को देने और ऑनलाइन सट्टे जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में सहयोग करने की अपील की है।

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