छत्तीसगढ़

ज्ञान से नवाचार तक—IIT और KIPS ने शोध सहयोग के लिए मिलाया हाथ

       भिलाई। आई आई टी, भिलाई के बायोसाइंस एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग तथा श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कमला इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (कीप्स) के मध्य शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एम ओ यू) पर हस्ताक्षर किए गए।इस समझौते का उद्देश्य फार्मास्युटिकल साइंसेज, बायोसाइंस एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के बीच अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा देना तथा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए अवसर विकसित करना है। इस पहल से दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान एवं विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन मिलेगा।

       कीप्स के डायरेक्टर डॉ देवेंद्र कुमार साहू ने बताया कि आई आई टी भिलाई का बायोसाइंस एवं बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग जैव चिकित्सा विज्ञान, जैव सूचना विज्ञान, औषधि वितरण प्रणाली, ऊतक अभियांत्रिकी तथा अन्य आधुनिक अनुसंधान क्षेत्रों में कार्यरत है। वहीं, कमला इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज फार्मेसी शिक्षा एवं औषधि अनुसंधान के क्षेत्र में सक्रिय है। दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता के समन्वय से फार्मेसी और आधुनिक प्रौद्योगिकी के बीच सहयोग की नई संभावनाएं विकसित होंगी।

       इस सहयोग से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को अनुसंधान-आधारित शैक्षणिक गतिविधियों, वैज्ञानिक ज्ञान के आदान-प्रदान तथा नवीन अनुसंधान क्षेत्रों से जुड़ने के अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है। साथ ही, यह पहल स्वास्थ्य एवं औषधि विज्ञान से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए बहुविषयक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करेगी।

       यह समझौता दोनों संस्थानों की शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुसंधान क्षमता और नवाचार को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के विकास को भी नई गति मिलने की संभावना है। इस अवसर पर डॉ स्वर्णली दास पॉल, डॉ वैभव तिवारी, डॉ गुंजन जैसवानी, डॉ राजेश चौधरी, आदि उपस्थित थे।

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