छत्तीसगढ़

मुश्किल वक्त में जिंदगी बचाने का हुनर, मॉक ड्रिल में 150 जवानों ने सीखी आपदा प्रबंधन की कला

       भिलाई। कार्यालय जिला सेनानी, नगर सेना एवं अग्निशमन तथा आपातकालीन सेवाएं दुर्ग के अंतर्गत राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम द्वारा सातवीं वाहिनी छसबल परिसर, भिलाई में एक दिवसीय संयुक्त मॉक ड्रिल एवं आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सातवीं वाहिनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें 150 एसएएफ (SAF) जवानों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

       मॉक ड्रिल के दौरान एसडीआरएफ दुर्ग की दक्ष टीम द्वारा जवानों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों से त्वरित व सुरक्षित निपटने के व्यावहारिक तौर-तरीकों का जीवंत प्रदर्शन (डेमो) दिया गया:

* अग्निशमन एवं गैस सुरक्षा (Fire Safety): विभिन्न श्रेणियों की आग (A, B, C, D) के नियंत्रण, अग्निशामक यंत्रों के सही संचालन (PASS मेथड) तथा एलपीजी गैस सिलेंडर में आग लगने अथवा लीकेज की स्थिति में त्वरित बचाव के तरीके प्रदर्शित किए गए।

* सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार (CPR & First Aid): बेहोशी, कार्डियक अरेस्ट अथवा सांस रुकने की स्थिति में मरीज को दिए जाने वाले सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त रक्तस्राव नियंत्रण, फ्रैक्चर प्रबंधन और प्राथमिक बैंडेजिंग की तकनीकें सिखाई गईं।

* बाढ़ एवं जल बचाव तकनीक (Flood & Water Rescue): बाढ़ या जलभराव की स्थिति में लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय, रेस्क्यू रोप तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री (जैसे खाली ड्रम, प्लास्टिक बोतल) से कामचलाउ फ्लोटिंग उपकरण तैयार कर डूबते व्यक्ति की जान बचाने की रेस्क्यू ड्रिल कराई गई।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker