साल बदले, इंतजार नहीं—12 वर्षों से पंचायत भवन की राह देख रहा नवीन ग्राम पंचायत
रायपुर/बालोद। ग्राम पंचायत धोतीमांटोला में विकास कार्यों और पंचायत की व्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीण पंचायत भवन से जुड़ी मांग को लेकर अधिकारियों के पास पहुंचे और पंचायत में कराए गए विभिन्न कार्यों तथा शासकीय राशि के उपयोग की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग रखी।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विकास के लिए शासन से मिलने वाली राशि का उपयोग पारदर्शी और नियमों के अनुसार होना चाहिए। पंचायत में कराए गए निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता, खर्च और योजनाओं के क्रियान्वयन की जांच होने से वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि पंचायत के सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही शासकीय राशि से कराए गए कार्यों और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए, ताकि ग्रामीणों को भी जानकारी मिल सके कि गांव के विकास के लिए कितनी राशि मिली और उसका उपयोग किस तरह किया गया।
इसके अलावा ग्रामीणों ने सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी की है। उनका कहना है कि योजनाओं का लाभ जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक पहुंचना चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति पर सीधे आरोप लगाना नहीं, बल्कि पंचायत के विकास कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और ग्रामीणों का विश्वास सुनिश्चित करना है। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।




