छत्तीसगढ़

प्रतिभा छत्तीसगढ़ की, तैयारी विश्वस्तरीय—बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में उठाया Sports Science का मुद्दा

       नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने खिलाड़ियों के लिए Sports Science, Sports Psychology, Nutrition, Biomechanics और Performance Analysis जैसी विशेषज्ञ सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

       केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार देश के 23 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOEs) में खेल विज्ञान से जुड़े कुल 384 स्वीकृत पदों में से 211 पद भरे जा चुके हैं, जबकि शेष 173 रिक्त पदों पर लागू भर्ती नियमों के तहत नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।

       सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में SAI Training Centres और Khelo India Centres में Sports Psychologist और Nutrition Expert की उपलब्धता का मुद्दा उठाया। मंत्रालय ने जानकारी दी कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्थित इन केंद्रों में मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं।

       बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी खेलों में केवल शारीरिक प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में वैज्ञानिक प्रशिक्षण, संतुलित पोषण, मानसिक मजबूती, बायोमैकेनिक्स और Performance Analysis की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी इन आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों का लाभ मिलना चाहिए।

       उन्होंने खेल विज्ञान व्यवस्था को केवल अस्थायी व्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि एक स्थायी और संस्थागत Sports Science Ecosystem के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके लिए चिकित्सा, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई गई।

       केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के भर्ती नियमों में हाल ही में संशोधन किया गया है। इसके साथ ही Sports Science Associates और Performance Analysts की नियुक्ति तथा प्रमुख चिकित्सा, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से खेल विज्ञान ढांचे को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

       बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन प्रतिभा को पदक में बदलने के लिए खिलाड़ियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के साथ आधुनिक खेल विज्ञान, बेहतर पोषण और मनोवैज्ञानिक सहयोग मिले, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ा सकें।

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