छत्तीसगढ़

शिक्षा पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बड़ा बयान! बोले—जीवन बदलने की सबसे बड़ी ताकत है शिक्षा

जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत

कक्षा 10वीं एवं 12वीं के 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का हुआ भूमिपूजन

पुसौर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित हुआ जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव

       रायपुर। रायगढ़ जिले के नगर पंचायत पुसौर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव-2026 उत्साह, उल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। साथ ही नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री वितरित की।

       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि विद्यालय में पहला कदम किसी भी बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत होता है। शिक्षा केवल व्यक्ति का जीवन ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की दिशा और दशा बदलने की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपने संघर्षपूर्ण जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित जीवन और सतत मेहनत के बल पर उन्होंने भारतीय प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय किया। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन का लक्ष्य अभी से निर्धारित करने और उसी दिशा में समर्पित होकर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल पढ़ाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह तय होना चाहिए कि जीवन में किस क्षेत्र में आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के द्वार खुले हैं और ऐसे अवसरों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुँचाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय संस्थानों में चयनित होने वाले विद्यार्थियों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

       मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को आईएएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली भेज रही है, जहाँ उनके अध्ययन और आवास का संपूर्ण व्यय सरकार वहन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा के मार्ग में आर्थिक अभाव कभी बाधा नहीं बन सकता।

       मंत्री चौधरी ने शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए शिक्षकों और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान जिन शिक्षकों के बच्चे शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, उनका मंच से सम्मान भी किया गया। उन्होंने प्राचार्यों और शिक्षकों का आह्वान किया कि वे ऐसे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय विकसित करें, जहाँ अभिभावक स्वयं अपने बच्चों का प्रवेश दिलाने के लिए उत्सुक हों। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में पुसौर में नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर का निर्माण भी किया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी।

       कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि विद्यालय को बच्चों के लिए आनंददायक और प्रेरणादायी बनाना है। उन्होंने अभिभावकों से घर में बच्चों के अध्ययन के लिए एक अलग स्थान निर्धारित करने और प्रतिदिन उनसे विद्यालय में सीखी गई नई बातों पर चर्चा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मीयता विकसित होगी।

मेधावी विद्यार्थियों, दिव्यांग छात्रा एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान

       कार्यक्रम में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 50 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पूर्ण दृष्टिबाधित छात्रा कामिनी यादव को 86 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों का भी सम्मान किया गया।

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