छत्तीसगढ़

जागरूकता से बदलाव की ओर—बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के लिए महिलाओं ने बढ़ाए कदम

       रायपुर। प्रदेश में संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रदेश में लगातार जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी के मार्गदर्शन में बाल विवाह रोकथाम, महिला सुरक्षा और बाल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है।

       इसी क्रम में 21 मई को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला के जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्डलाइन की संयुक्त टीम द्वारा वैभव संकुल संगठन दनगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को पॉक्सो एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

       कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का हनन करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। महिलाओं को जागरूक करते हुए बताया गया कि बालिकाओं की वैधानिक विवाह आयु 18 वर्ष तथा बालकों की 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह किया जाना कानूनन मान्य है।

       इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी देते हुए किसी भी आपात स्थिति या बाल संरक्षण से जुड़ी समस्या की सूचना तत्काल देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही समाज से बाल विवाह जैसी कुरीति को समाप्त करने में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल अधिकारों, महिला सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

 

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