छत्तीसगढ़

बदलाव की बयार—सरोधी की चौपाल में सुशासन तिहार ने रची नई कहानी

महतारी वंदन योजना से सशक्त हुई केकती बाई की जिंदगी

       रायपुर। सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का ग्राम सरोधी में आयोजित चौपाल कार्यक्रम केवल प्रशासनिक संवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह आम जनजीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जीवंत तस्वीर भी बन गया।इसी चौपाल में सामने आई एक ऐसी कहानी, जिसने सरकारी योजनाओं के वास्तविक प्रभाव को भावनात्मक रूप से उजागर किया।

       ग्राम सरोधी की निवासी श्रीमती केकती मरावी, अपने पति राजेंद्र मेरावी और तीन बच्चों—चिंरजीव, किरण और विक्रांत के साथ एक साधारण किसान परिवार से जुड़ी हैं। खेती-किसानी ही उनके जीवन का मुख्य आधार है, लेकिन सीमित आय के बीच परिवार का खर्च चलाना हमेशा एक चुनौती रहा है।

       केकती बाई बताती हैं कि महतारी वंदन योजना ने उनके जीवन में नई रोशनी लाई है। अब तक उन्हें योजना की 26 किश्तें मिल चुकी हैं, जिससे वे घर के छोटे-छोटे खर्चों में हाथ बंटा पा रही हैं। पहले जहां हर छोटी जरूरत के लिए सोच-विचार करना पड़ता था, वहीं अब उनके पास आत्मनिर्भरता का एक आधार बन गया है।

       उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से वे “स्वच्छता दीदी” के रूप में भी कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त होती है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सुधार आया है और रसोई का काम आसान हुआ है।

       केकती बाई केवल अपने परिवार तक ही सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे “जय मां बंजारी महिला स्व सहायता समूह” की अध्यक्ष भी हैं। समूह के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपए का अनुदान मिला है, जिससे वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

       भावुक होते हुए केकती बाई ने कहा कि आज उनका परिवार पहले से कहीं अधिक सशक्त और आत्मविश्वासी महसूस करता है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं ने उनके जीवन को नई दिशा दी है।

       ग्राम सरोधी की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं सही हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल आर्थिक मदद नहीं देतीं, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह भी खोलती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker