छत्तीसगढ़

सेल के तीन दिवसीय हेड्स ऑफ सामग्री प्रबंधन मीट में इन्वेंट्री प्रबंधन नीति में सुधार पर निदेशक प्रभारी. सी आर महापात्र ने साझा किए विचार




नई इन्वेंट्री मैनेजमेंट नीति की रूपरेखा तय करने की दिशा में वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तुत किए सुझाव
भिलाई /सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के सामग्री प्रबंधन विभाग द्वारा 22 से 24 जुलाई 2025 तक भिलाई निवास में आयोजित तीन दिवसीय हेड्स ऑफ सामग्री प्रबंधन (एच ओ एम एम) मीट एवं इन्वेंट्री मैनेजमेंट कार्यशाला के दूसरे दिन इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली नवाचार और उन्नत पॉलिसियों की दिशा में गहन मंथन और उच्च स्तरीय विचार-विमर्श हुआ।
दोपहर सत्र में निदेशक प्रभारी (भिलाई इस्पात संयंत्र) चितरंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन)  ए. के. चक्रवर्ती, तथा कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम के साथ कार्यशाला में उपस्थित हुए और इन्वेंट्री प्रबंधन नीति में सुधार की आवश्यकता पर अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (सी एम एम जी)  एस. जे. अहमद, कार्यपालक निदेशक (एम एम), आईएसपी इस्पात संयंत्र अभिक डे, कार्यपालक निदेशक, बोकारो इस्पात संयंत्र  सी. आर. मिश्रा, कार्यपालक निदेशक (एम एम), राउरकेला इस्पात संयंत्र अनिल कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (एम एम), दुर्गापुर इस्पात संयंत्र संजीब रंजन दास भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान पूर्व दिवस पर गठित तीन समर्पित टीमों ने इन्वेंट्री प्रबंधन नीति में संभावित संशोधनों पर अपने प्रस्तुतीकरण दिए। ये दल क्रमशः मुख्य महाप्रबंधक (एम एम-बीएसपी)  के. सी. मिश्रा, संजय सिंघल एवं  राजीव सहगल के नेतृत्व में कार्यरत रहे।
द्वितीय दिवस के समापन पर निदेशक प्रभारी चितरंजन महापात्र ने संबोधित करते हुए कहा कि सामग्री प्रबंधन सामूहिक द्वारा निरंतर आयोजित हो रहा यह एचओएमएम मीट एक महत्वपूर्ण मंच है, जहां कुशल प्रबंधन पद्धतियों की रूपरेखा तैयार होती है। उन्होंने सीएमएमजी द्वारा सेवा अनुबंधों के लिए तैयार की गई साझा दिशानिर्देशों की सराहना की, जिसे प्रक्रियाओं को सरल और स्पष्ट बनाने की दिशा में अहम कदम बताया। इन्वेंट्री प्रबंधन नीति की पुनर्समीक्षा को समयोचित और आवश्यक करार देते हुए उन्होंने संकार्य विभागों के साथ स्पष्ट संवाद और समन्वय को क्रियान्वयन की सफलता की कुंजी बताया। श्री महापात्र ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि प्रतिस्पर्धी इस्पात बाजार में आगे बने रहने के लिए हमें किन क्षेत्रों में सुधार करना है। हमारा फोकस तेज गति, न्यूनतम अपव्यय, टिकाऊ प्रक्रियाएं तथा समयबद्ध अनुपालन पर होना चाहिए।”
इससे पूर्व कार्यपालक निदेशक (सामग्री प्रबंधन), भिलाई इस्पात संयंत्र श्री ए. के. चक्रवर्ती ने निदेशक प्रभारी एवं अन्य उपस्थित अधिकारियों का स्वागत करते हुए इन्वेंट्री प्रबंधन प्रक्रियाओं में ऑटोमेशन के समावेश, लीड टाइम में कमी लाने की आवश्यकता तथा कार्यशाला से प्राप्त निष्कर्षों को सेल की भावी रणनीति में समाहित किए जाने की आशा व्यक्त की।
कार्यपालक निदेशक (सी एम एम जी)  एस. जे. अहमद ने एचओएमएम मीट 2025 की केंद्रीय थीम पर प्रकाश डालते हुए इन्वेंट्री की गणना एवं रिपोर्टिंग के लिए सेल इकाइयों में एकरूप पद्धति अपनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा), भिलाई इस्पात संयंत्र  प्रवीण निगम ने सामग्री प्रबंधन और वित्त विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर बल देते हुए सटीकता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए प्रणालीगत मेलजोल को जरूरी बताया।
यह तीन दिवसीय एचओएमएम मीट नीति पुनर्संरचना के निष्कर्षों के साथ 24 जुलाई 2025 को संपन्न होगी, जिसमें इन्वेंट्री प्रबंधन प्रणाली में अधिक पारदर्शिता, मानकीकरण एवं दक्षता लाने हेतु नीति प्रस्तावों का अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है।







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